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अटल जी के सिद्धांतों पर चलकर ही बनेगा आत्मनिर्भर हिमाचल: डॉ. राजीव बिंदल​

By Shailesh Saini Published: 25 Dec 2025, 10:11 AM | Updated: 25 Dec 2025, 10:11 AM 1 min read

सुशासन दिवस पर राज्यपाल, नेता प्रतिपक्ष और भाजपा अध्यक्ष ने शिमला रिज पर दी श्रद्धांजलि; अटल जी के ‘राष्ट्र प्रथम’ संकल्प को दोहराया​

शिमला :

भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती ‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर आज राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने अटल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस दौरान भारी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने अटल जी के पदचिन्हों पर चलने और सुशासन की शपथ ली।

​अटल जी: राजनीति के शिखर पुरुष और आधुनिक भारत के निर्माता

श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरांत डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि अटल जी राजनीति के वह शिखर पुरुष थे, जिन्होंने सत्ता को कभी साध्य नहीं, बल्कि सेवा का साधन माना। उन्होंने कहा, “अटल जी का व्यक्तित्व हिमालय की तरह विशाल और उनकी वाणी राष्ट्र निर्माण का मंत्र थी।

उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सदैव देशहित को सर्वोपरि रखा। आज हम जिस विकसित भारत की कल्पना कर रहे हैं, उसकी वैचारिक नींव अटल जी ने ही अपने सुशासन और अटूट राष्ट्रवाद से रखी थी।

नाहन चौगान और पोखरण परीक्षण की ऐतिहासिक यादें

अटल जी के हिमाचल और नाहन से विशेष लगाव का जिक्र करते हुए डॉ. बिंदल ने एक गौरवशाली संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि मई 1998 में ऐतिहासिक ‘पोखरण परमाणु परीक्षण’ के सफल आयोजन के तुरंत बाद अटल बिहारी वाजपेयी नाहन आए थे।

उन्होंने कहा, “मई 1998 में जब पूरा विश्व भारत की परमाणु शक्ति देख रहा था, उस समय अटल जी ने नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया था। उस दिन नाहन की धरती पर ‘जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान’ का नारा गुंजायमान हुआ था। नाहन के लोगों के लिए वह पल आज भी एक ऐतिहासिक धरोहर की तरह है।

“​हिमाचल के विकास के सच्चे संरक्षक नेता

प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और डॉ. बिंदल ने संयुक्त रूप से कहा कि हिमाचल को ‘अपना दूसरा घर’ मानने वाले अटल जी ने प्रधानमंत्री रहते हुए प्रदेश को ‘विशेष राज्य’ का दर्जा दिया, जिससे यहाँ के विकास को नई गति मिली। प्रदेश के दुर्गम गांवों की भाग्य रेखा कही जाने वाली ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ उनकी दूरदर्शिता का ही सबसे बड़ा उपहार है।​

सुशासन और आत्मनिर्भरता का संकल्पभाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस सुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है, उसे जन-जन तक पहुँचाना ही अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर रिज मैदान पर उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे अटल जी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के संदेश को आत्मसात कर एक समृद्ध और आत्मनिर्भर हिमाचल के निर्माण में अपना योगदान देंगे।

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