सहकारी सभाओं की प्रबंध कमेटियों ने समझी सभाओं की कार्यप्रणाली

ByPRIYANKA THAKUR

Feb 24, 2022
The management committees of cooperative societies understood the working of the meetings

HNN / ऊना, वीरेंद्र बन्याल

सहकारी विकास संघ सीमित के तत्वावधान में अम्बोआ कृषि सेवा सहकारी सभा के कैम्पस में नंगल जरियाला हलेड़, घनारी, चलेट, दौलतपुर, मावां कोहलां व अम्बोआ सहकारी सभाओं के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस बारे जानकारी देते हुए ऊनकोफैड के चेयरमैन राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का उद्देश्य सहकारी सभाओं के कर्मचारियों, प्रबंधक कमेटियों के पदाधिकारियों व सभा सदस्यों को सभा की कार्यप्रणाली के साथ-साथ उनके कर्तव्यों, अधिकारो से भली प्रकार परिचित करवाना है।

उन्होंनें कहा कि यदि प्रबंधक कमेटियों को अपने दायित्व के साथ-साथ प्रबंधकीय अधिकारों बारे जानकारी होनी जरूरी है। सभा की प्रबंधक कमेटी की बैठक में सभा में किए गए कार्यों का अनुमोदन किया जाता है। इन कार्यों का लेखा-जोखा सभा के सचिव द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। अनुमोदन के बाद प्रबंधक कमेटी उन सभी प्रकार के कार्यों के लिए जिम्मेदार बन जाती हैं। जहां प्रबंधक कमेटी सभा के विकास व विस्तार में अपनी रचनात्मक भूमिका निभाती है वही दूसरी तरफ सभा में किसी भी प्रकार की अनियमितताओं के लिए भी जिम्मेदार हैं।

इसलिए सभा के किसी भी कार्य को अनुमोदन करने से पूर्व उसकी भलीभांति जांच करें। सभा के कार्य को सचारू रूप से चलाने के लिए सभा के कर्मचारियों व प्रबंधक कमेटी में आपसी विश्वास व ईमानदारी को सुनिश्चित करना अति आवश्यक हैं। राजेंद्र शर्मा ने कहा कि सभा का वार्षिक अधिवेशन सहकारी अधिनियम में अनिवार्य हैं। जिसमें सभा के वर्ष भर के कार्यों का अनुमोदन किया जाता है। सभा के वित्तिय वर्ष के अंकेक्षण की रिपोर्ट को साधारण अधिवेशन में प्रस्तुत करके चर्चा उपरांत अनुमोदन करें। यदि उसमें कोई कमी है उसमे सुधार का निर्णय ले।

अगामी वर्ष की सभा की कार्य योजना को भी प्रस्तुत करें ताकि सभा के कारोबार में विस्तार हो सके। यदि सभा के ऋणी अपने ऋण की अदायगी समय पर नहीं करते तो उनके विरुद्ध सालसी मामले बनाए जाए ताकि समय पर कारवाई से सभा के हित सुरक्षित हों।

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