HNN/शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में करीब 70 बीघा भूमि पर वक्फ बोर्ड का मालिकाना हक है। इसमें शिमला शहरी क्षेत्र के संजौली, छोटा शिमला, लक्कड़ बाजार, बेम्लोई, ताराहाल, बालूगंज और लोअर बाजार सर्किल शामिल हैं, जहां पर वक्फ बोर्ड की संपत्तियां हैं।
सबसे ज्यादा संपत्ति 46 बीघा टूटीकंडी वार्ड के पांजड़ी क्षेत्र में है। इसके अलावा लक्कड़ बाजार में 7.41 और ताराहाल में 6.13 बीघा भूमि पर मालिकाना हक है। राजधानी में संजौली मस्जिद को लेकर जारी विवाद के बाद प्रशासन की ओर से सत्यापन कार्य में वक्फ संपत्तियों का खुलासा हुआ है।
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वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में मकान, मस्जिद, दुकानों का निर्माण किया है। प्रशासन के आदेश पर वक्फ संपत्तियों का ब्योरा पटवारियों से मांगा गया है। वक्फ संपत्तियों के सत्यापन का काम पूरा कर लिया है। इसके बाद रिपोर्ट अदालत को भेज दी जाएगी।
वक्फ का मतलब इस्लामी कानून के तहत धार्मिक उद्देश्यों के लिए प्रयोग होने वाली संपत्तियों से है। एक बार वक्फ के रूप में नामित होने के बाद वक्फ की संपत्ति का स्वामित्व अल्लाह को हस्तांतरित कर दिया जाता है, जिसके बाद इसके मालिकाना हक में बदलाव नहीं किया जा सकता।
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