विकास खंड संगड़ाह की महिलाएं बनेंगी स्वावलंबी-मेला राम शर्मा

ByPRIYANKA THAKUR

Mar 19, 2022
Women of development block Sangrah will become self-supporting-Mela Ram Sharma

HNN / संगड़ाह

विकासखंड संगड़ाह की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए रूरल सेल्फ एंप्लॉयमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट नाहन के सौजन्य से विकासखंड संगड़ाह द्वारा फूड प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग दिलाने का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। पंचायत समिति सगड़ाह के अध्यक्ष मेलाराम शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत पंजीकृत एनआरएलएम महिला समूहों से संबद्ध महिलाओं के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है ताकि इस पिछड़े क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाया जा सके।

उन्होंने बताया कि सभी 44 विकास खंडों की उन इच्छुक महिलाओं को फूड प्रोसेसिंग और मार्केटिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा जो एनआरएलएम महिला समूहों से संबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाली महिलाओं के लिए रूरल सेल्फ एंप्लॉयमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट नाहन द्वारा आने-जाने के किराए के अतिरिक्त रात्रि ठहराव और भोजन आदि की व्यवस्था निशुल्क की जाएगी।

पंचायत समिति अध्यक्ष ने विभिन्न पंचायतों में गठित एनआरएलएम स्वयं सहायता समूहों से आग्रह किया है कि वे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए अपने समूह से इच्छुक महिलाओं के नाम 2 दिन के भीतर विकास खंड कार्यालय संगड़ाह भेजें। इस आशय का पत्र सभी स्वयं सहायता समूह के व्हाट्सएप ग्रुप पर भी साझा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रथम बार इस प्रशिक्षण शिविर में 18 से 45 वर्ष उम्र की 25 से 35 महिलाएं भेजी जाएंगी और 10 दिवसीय प्रशिक्षण समाप्त होने के पश्चात महिलाओं को प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अपने घर पर ही मुरब्बा, चटनी, विभिन्न प्रकार के अचार, जैम, बुरास के स्क्वैश और जूस, अपने ही क्षेत्र में उत्पादित लहसुन अदरक और आलू के पेस्ट और चिप्स आदि तैयार करने के तौर तरीके सिखाए जाएंगे और साथ में इन घरेलू उत्पादों के पैकिंग, लेवलिंग और मंडीकरण के उपाय भी बताए जाएंगे। उन्होंने बताया कि महिलाओं को फूड सेफ्टी तकनीकों के साथ-साथ लेखा-जोखा रखने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और साथ में प्रातःकाल और सांयकाल में योगा और मेडिटेशन का अभ्यास भी कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इससे महिलाएं सिर्फ आत्मनिर्भर ही नहीं होंगी अपितु स्वस्थ जीवन भी जी पाएंगी। उन्होंने बताया की महिलाओं को आत्म निर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए यह सुनहरा मौका है और इसमें अधिक से अधिक महिलाओं को आगे आना चाहिए।

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