HNN/ नाहन
जिला सिरमौर की प्रमुख नगदी फसल लहसुन के किसानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं जिससे उनके माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है। आपको बता दें कि सीजन की शुरुआत से ही किसानों को लहसुन की फसल के उम्दा दाम नहीं मिल पा रहे है। शुरुआती सीजन में जब लहसुन के अच्छे दाम नहीं मिले तो किसानों ने अपनी फसल को यह सोचकर स्टोर कर लिया कि जब दामों में वृद्धि आएगी तो वह इसे मंडियों में बेचेंगे।
बावजूद इसके 3 महीने बीत जाने के बाद भी लहसुन के दाम जैसे के वैसे ही हैं। लहसुन के दामों में इजाफा नहीं आ रहा है जिससे किसान बेहद चिंतित है। आलम यह है कि लहसुन 15 से 75 रुपये किलोग्राम बिक रहा है। सबसे बेहतर क्वालिटी के ट्रिपल ए ग्रेड लहसुन के दाम 70 से 75, डबल ए ग्रेड का लहसुन 45 से 50 प्रति किलो बिक रहा है। जबकि गोली, मध्यम प्रकार का लहसुन के दाम 15 से 25 रुपये तक मिल रहे हैं।
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आपको बता दें कि, सिरमौर जिले के गिरीपार, सैनधार और पच्छाद आदि क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लहसुन की पैदावार की जाती है। जिला सिरमौर के कई किसान तो ऐसे ही है जो केवल खेती-बाड़ी पर ही निर्भर करते है। यह किसान खेती बाड़ी करके ही अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं परंतु कभी मौसम की बेरुखी तो कभी दाम सही ना मिलने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ।
पहले सूखे के कारण लहसुन की फसल प्रभावित हुई और अब दाम न मिलने से किसानों की कमर ही टूट गई है। किसानों ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि लहसुन के दाम 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंचेंगे परंतु ऐसा कुछ नहीं हुआ। कहा कि उन्होंने दाम बढ़ने की आस में लहसुन को स्टोर करके रखा परन्तु गोदामों में पड़ा लहसुन अंकुरित होना शुरू हो गया है। साथ ही लहसुन में पंपिंग की समस्या भी इस समय शुरू होने लगी है। ऐसे में कई किसानों ने मजबूरी में अपनी फसल को निकालना शुरू कर दिया है।
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