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यूजी-पीजी रिजल्ट व नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्तियों को लेकर एसएफआई का प्रदर्शन

HNN/ शिमला

आज एसएफआई विश्वविद्यालय इकाई ने यूजी और पीजी रिजल्ट व नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्तियों को लेकर पिंक पेटल चौक पर धरना प्रदर्शन किया। जिसमे एसएफआई ने साफ मांग की है कि जो लंबे समय से यूजी व पीजी के परीक्षा परिणाम है उन्हे जल्द घोषित किए जाए। इस धरने में बात रखते हुए इकाई उपाध्यक्ष हरीश ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीते सत्र भी प्रदेश भर के छात्रों के आधे-अधूरे परिणामों को घोषित किया है, व आरएलए जैसी टेक्निकल समस्याओं को छात्रों के सामने रखा है।

अभी हाल की बात करे तो वि.वि ने पीजी के लिए एंट्रेंस टेस्ट करवा लिए है लेकिन अभी तक यूजी के रिजल्ट न आने के कारण छात्र असमजस में है कि किस तरीके से वह वि.वि प्रवेश पा सकेंगे, जब तक उसके पिछले परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होंगे। इसके साथ साथ पीजी परीक्षा परिणामो को भी जल्दी घोषित किया जाए ताकि छात्र अपने पीजी एग्जाम के लिए भी तैयारियां कर सके। उन्होंने कहा कि अगर यूजी व पीजी के रिजल्ट में वि.वि प्रशासन देरी करेगा तो कहीं न कहीं छात्रों को मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ेगा।

एसएफआई सचिवालय सदस्य अनुजा ने नॉन टीचिंग स्टाफ की रिक्रूटमेंट पर बात रखते हुए कहा कि एसएफआई ने पहले भी यह मांग उठाई थी कि इन भर्तियों को जल्द करवाया जाए क्योंकि हर बार रिजल्ट्स लेट आने का कारण नॉन टीचिंग स्टाफ की कमी है। विश्वद्यालय प्रशासन ने इसके लिए भर्ती की नोटिफिकेशन जून 2020, सितंबर 2021 और जनवरी 2022 में तो निकाली थी लेकिन अभी तक यह परीक्षा करवाने में विश्विद्यालय प्रशासन नाकाम रहा है।

जब छात्रो से फीस लेने की बारी आती है तब तो विश्वविद्यालय प्रशासन कही पीछे नहीं रहता लेकिन वही जब एग्जाम्स कंडक्ट करवाने की बारी आती है तो वो नही करवा पा रहा। एसएफआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से यह मांग की है कि इन भर्तियों को जल्द करवाया जाए और जो समस्याएं रिजल्ट्स के अंदर आ रही है उसे जल्द सुधारा जाए। अगर ये मांग जल्द पूरी नहीं की गई तो एसएफआई आने वाले समय में छात्रों को लामबंद करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी।


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