भारतीय किसान यूनियन नालागढ़ ने बैठक कर बनाई आगामी रणनीति

HNN/ नालागढ़

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की बैठक नालागढ़ विश्राम गृह में सपन्न हुई। बैठक में सर्वप्रथम गुरूनानक देव के प्रकाशोत्सव पर बधाई दी गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का स्वागत किया। भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि काले कृषि कानूनों को रद्द करने की अभी घोषणा हुई है जिससे किसान उत्साहित हैं। लेकिन अभी तक किसानों के हक की लड़ाई लंबी है। जब तक काले कृषि कानून संसद में रद्द नहीं होते तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा। इसके अलावा एमएसपी पर कानून और अन्य मांगों को लेकर सरकार सकारात्मक रवैया दिखाए।

अगर सरकार सोच रही है कि कृषि कानूनों को रद करने की घोषणा से किसान चुप हो जाएगा तो सरकार गल्तफमी में है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुरमुख ने बैठक की अध्यक्षता कि और कहा कि काले कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा किसानों की जीत का आगाज है। लेकिन जब तक यह कानून संसद में रद्द नहीं होते किसान चुप नहीं बैठेगा और संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को इस जुम्लों की सरकार पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है।

पहले भी सरकार की कई घोषणाएं और फैसले जुमले ही साबित हुए। सुरमुख सिंह ने कह कि कृषि कानून रद्द होने के बाद सरकार एमएसपी पर कानून बनाए। इसके अलावा किसानों की अन्य मांगों को पूरा करने की पहल करे। नहीं तो दिल्ली, सिंधू और गाजीपुर बार्डर पर दोबारा बैठने में किसानों को देर नहीं लगेगी। यह लड़ाई किसानों के हक की है और 14 महीने के लंबे संघर्ष और सैंकड़ों बलिदान किसानों ने अपने हक के लिए दिए हैं जिन्हें जाया नहीं जाने दिया जाएगा।