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नेशनल एग्जिट टेस्ट के विरोध में सड़कों पर उतरे प्रशिक्षु डॉक्टर, माँगा तैयारी के लिए समय

HNN/ हमीरपुर

एनएमसी द्वारा नेशनल एग्जिट टेस्ट लिए जाने का आदेश जारी होने के बाद पूरे देश में प्रशिक्षु डॉक्टरों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। जारी आदेश में कहा गया है कि नेशनल एग्जिट टेस्ट पास करना सभी प्रशिक्षु डॉक्टरों के लिए अनिवार्य होगा। यह भी बताया जा रहा है कि इस टेस्ट को पास करने के बाद ही इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा। वर्ष 2019 बैच के छात्रों पर फाइनल एग्जाम से कुछ समय पहले ही थोपा गया यह फरमान उनके लिए मुसीबत खड़ी करने वाला है।

बता दें कि वर्ष 2019 बैच के प्रशिक्षु छात्रों का अब फाइनल ईयर चल रहा है, ऐसे में यह फरमान उनके लिए सबसे ज्यादा चिंताजनक है। वही छात्रों का कहना है कि उनके लिए नेशनल एग्जिट परीक्षा एकदम से दे पाना संभव नहीं है। छात्र इसके खिलाफ नहीं है, लेकिन इसके लिए उन्हें तैयारी करने का पूरा समय दिया जाए। हो सके तो इसे अगले सत्र से लागू किया जाए।प्रशिक्षु छात्रों का यह भी कहना है कि एनएमसी के माध्यम से पाठ्यक्रम में भी कुछ बदलाव किया गया है, ऐसे में नेशनल एग्जिट टेस्ट पास करना अनिवार्य किया जाना इस बैच के साथ भेदभाव है।

इसी के विरोध स्वरूप सोमवार को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के वर्ष 2019 बैच के प्रशिक्षु डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री तथा मुख्यमंत्री से अपने हक में समर्थन मांगा। जाहिर है कि वर्ष 2019 बैच में हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में 119 प्रशिक्षु एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं और अंतिम वर्ष में हैं। प्रशिक्षु डॉक्टरों का कहना है कि यदि यह नियम लागू किया जाए तो फिर अगले सत्र से लागू किया जाए। 2019 बैच अपने फाइनल ईयर में पहुंच गया है ऐसे में एकदम से इस तरह का फैसला थोप देना प्रशिक्षु डॉक्टरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। एनएमसी को इस बारे में पुन: विचार करने की आवश्यकता है ताकि इस बैच पर बढ़ रहा मानसिक तनाव समाप्त हो सके।


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