HNN/ नाहन
नाहन मेडिकल कॉलेज इन दिनों खुद गंभीर बीमारियों से गुजर रहा है। अक्सर अव्यवस्था में चलने वाले इस मेडिकल कॉलेज की तमाम व्यवस्थाओं पर अब सवालिया निशान लगने शुरू हो चुके हैं। मेडिकल कॉलेज का ओपीडी खस्ता हालत से गुजर रहा है। हालात यह है कि ईएनटी विभाग की ओपीडी में दुर्गंध, दीवारों पर फंगस और सीलन से हालत खराब है। ऐसे में गले और कान की बीमारियों से ग्रसित मरीजों के और ज्यादा संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है।
यही नहीं एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को भी इसी इनफेक्टेड कमरे में अपनी क्लास लगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। गौरतलब हो कि मेडिकल कॉलेज का करोड़ों का नया भवन भी बन रहा था मगर सरकार के द्वारा निर्माण कंपनी को सहयोग न किए जाने के बाद कंस्ट्रक्शन वर्क भी बंद हो गया है। वही बड़ा सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि इन अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन आखिर आंखें मुंद क्यों बैठा है।
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यह खस्ता हालत ना केवल ईएनटी विभाग की है बल्कि अन्य विभागों की भी यही हालत चल रही है। जानकारी तो यह भी है कि पुराने भवनों में चल रहा मेडिकल कॉलेज मेंटेनेंस के बिल बनाने में भी सबसे आगे है। बावजूद इसके दीवारों पर लगी फंगस, सीलन और बदबू के बीच मरीजों को आज भी इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
हालांकि इस समस्या से संबंधित विभाग के चिकित्सक भी परेशान हैं मगर मुंह खोलने पर उन्हें भी मेडिकल प्रबंधन की कूटनीति से गुजरना पड़ता है। इस समस्या की बाबत कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ श्याम कौशिक से बात करने की कोशिश की गई मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया। विभाग की कैमरे से ली गई तस्वीरें अव्यवस्था की खुद पुष्टि करती नजर आती हैं।
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