HNN/ किन्नौर

हिमाचल प्रदेश की मंडी संसदीय सीट के अलावा जुब्बल-कोटखाई, अर्की और फतेहपुर विधानसभा सीट के लिए लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। मतदाता अपने मत का प्रयोग करने के लिए पोलिंग बूथ पर पहुंच रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ देश के प्रथम मतदाता श्यामसरण नेगी दूसरों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। बता दें कि 104 वर्षीय श्याम सरण नेगी ने आज 33वीं बार मतदान किया है।

देश के प्रथम मतदाता ने जिला के बूथ नंबर 51 पर जाकर मंडी लोकसभा उपचुनाव में मत का प्रयोग किया। प्रशासन द्वारा इस बार भी बूथ पर रेड कारपेट बिछाकर श्यामसरण नेगी का स्वागत किया गया। बता दें कि सरण नेगी का जन्म 1 जुलाई, 1917 को कल्पा (किन्नौर) में हुआ तथा और वह भारत के प्रथम मतदाता कहलाये जाते है। नेगी ने कहा कि आजादी के बाद से आज तक कोई ऐसा चुनाव नहीं है, जिसमें वोट न डाला हो।

इस तरह बने थे देश के पहले मतदाता
देश में फरवरी 1952 में पहला लोकसभा चुनाव हुआ, लेकिन किन्नौर में भारी हिमपात के चलते पांच महीने पहले सितंबर 1951 में ही चुनाव हो गए। पहले चुनाव के समय श्याम सरण नेगी किन्नौर के मूरंग स्कूल में अध्यापक थे और चुनाव में उनकी ड्यूटी लगी थी। उन्हें वोट देने का भी शौक था। उनकी ड्यूटी शौंगठोंग से मूरंग तक थी, जबकि वोट कल्पा में था।

इसलिए उन्होंने सुबह वोट देकर ड्यूटी पर जाने की इजाजत मांगी। वह सुबह-सुबह मतदान स्थल पर पहुंच गए। 6:15 बजे मतदान ड्यूटी पार्टी पहुंची। नेगी ने जल्दी मतदान करवाने का निवेदन किया। मतदान पार्टी ने रजिस्टर खोलकर उन्हें पर्ची दी। मतदान करते ही इतिहास बन गया और मास्टर श्याम सरण नेगी आजाद भारत के पहले मतदाता बन गए।