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टीजीटी अध्यापकों को हेड मास्टर के पद पर पदोन्नति से न किया जाए वंचित : संघ

HNN/ सराहां

विज्ञान अध्यापक संघ शिक्षा खंड सराहां इकाई ने पदोन्नत प्रवक्ताओं को हेड मास्टर पद पर पदोन्नति देने का विरोध किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट सत्र में 26 अप्रैल 2010 के बाद पदोन्नत हुए इन प्रवक्ताओं को हेड मास्टर पद पर पदोन्नति देने की घोषणा की है। इस घोषणा को रद्द करने की मांग को लेकर संघ की सराहां इकाई के प्रधान धर्मेंद्र सिंह, महासचिव विनोद कुमार, जिला उपप्रधान निशिकांत व ट्रेजरर राजेश कुमार शर्मा के साथ अन्य सदस्यों ने आज विधायक रीना कश्यप को नारग में एक ज्ञापन सौंपा।

इन पदाधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट ने भी शिक्षा विभाग को आदेश दिए हैं कि इस तरह की व्यवस्था बनाई जाए कि आरएंडपी नियमों के तहत यदि कोई टीजीटी पदोन्नत होकर प्रवक्ता पद हासिल करता है तो वह हेड मास्टर पद पर पदोन्नति न लेने का विकल्प विभाग को दे। ऐसे में सीएम की यह घोषणा हाईकोर्ट के आदेशों की भी अवहेलना है।

ऐसे में इस घोषणा से प्रदेशभर में कार्यरत 17 हजार से अधिक विज्ञान एवं कला स्नातक अध्यापकों के साथ अन्याय होगा क्योंकि टीजीटी अध्यापक 25-26 साल की सर्विस के बाद हेड मास्टर बनता है। कई टीजीटी तो इतने लंबे समय तक सेवा के बाद भी एक ही पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। संघ ने विधायक रीना कश्यप से मांग की है कि वह मुख्यमंत्री से उनके मुद्दे को उठाएं और इस घोषणा को रद्द करवाएं, ताकि टीजीटी अध्यापकों को पदोन्नति का लाभ मिल सके।


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