जोगिंदर नगर के विवेक को यूक्रेन में भारतीय होने की मिली सजा

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HNN/ मंडी

रूस की ओर से यूक्रेन के खिलाफ छेड़ी गई जंग को अब 11 दिन बीत चुके हैं। आज दोनों देशों के बीच जंग का यह 12वां दिन है। वही यूक्रेन में पढ़ने गए हिमाचल प्रदेश के भी अभी कई छात्र वहीं फंसे हुए हैं। इनमें से कई छात्रों की घर वापसी हो गई है जो कि अपने परिजनों को वहां हुई सारी घटनाओं से रूबरू करवा रहे हैं। इन्हीं में से एक है जिला मंडी के जोगिंदर नगर का विवेक। विवेक बीते कल ही अपने घर पहुंचे हैं।

बेटे को सकुशल और सुरक्षित देख परिजनों के आंसू छलक आए और उन्होंने उसे गले से लगाकर हालचाल जाना। इस दौरान विवेक के कई रिश्तेदार और आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे थे। विवेक ने जानकारी देते हुए बताया वह यूक्रेन से 11 दिन बाद सुरक्षित घर लौटे है। विवेक ने बताया कि यूक्रेन के लोगों ने भारत वासियों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। यहां उन्हें भारतीय होने की सजा दी गई।

जैसे तैसे कर वह कीव के रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उन्हें ट्रेन में सफर नहीं करने दिया गया और धक्का मारकर बाहर निकाल दिया। इस दौरान यूक्रेनवासियों ने कहा कि जब यूक्रेन में रूस के हमले पर भारत का सहयोग नहीं मिला तो वह भी भारतीयों का साथ नहीं देंगे। जिसके बाद किसी तरह वह रोमानिया तक पहुंचे और एंबेसी का संरक्षण मिलने के बाद ही वह अपने घर जीवित लौटे हैं।

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