HNN/ संगड़ाह

चूड़धार चोटी पर अब जल्द ही हेलीपैड बनने जा रहा है। हेलीपैड बनने के चलते आस्था के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बड़ी बात तो यह है कि हेलीपैड के निर्माण के लिए यहां निरीक्षण भी किया गया है। इसके लिए कालाबाग में जगह भी चिह्नित की जा चुकी है जहां हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। हेलीपैड के निर्माण हेतु 10 लाख रुपए की राशि भी सरकार द्वारा मंजूर की गई है जो एसडीएम चौपाल को जारी की जा चुकी है।

हालाँकि जब तक फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलता तब तक हेलीपैड का निर्माण नहीं हो सकता। लिहाजा फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद ही चोटी पर हेलीपैड का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा हेलीपैड के निर्माण के लिए सरकार द्वारा शेष राशि भी फॉरेस्ट क्लीयरेंस के बाद ही मंजूर की जाएगी। बता दें कि 11965 फीट की ऊंचाई पर स्थित सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार लाखों भक्तों की आस्था का प्रतीक है।

यहां भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में अगर हेलीपैड का निर्माण होता है तो पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। संगड़ाह बीडीसी के अध्यक्ष मेला राम शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि चूड़धार चोटी पर हेलीपैड का निर्माण होना है लेकिन हेलीपेड का निर्माण फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने के चलते अधर में लटका हुआ है।

बताया कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलते ही यहां निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा और हेलीपैड निर्माण के लिए शेष राशि भी जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि चूड़धार को लेकर सिरमौर ,चौपाल ,शिमला, सोलन उत्तराखंड के कुछ सीमावर्ती इलाकों के लोग धार्मिक आस्था रखते हैं। क्योंकि चूड़धार को श्री शिरगुल महाराज तपोस्थली माना जाता है। बताया कि अगर यहां हेलीपैड का निर्माण होता है तो पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।