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HNN/ नाहन

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सरकार की मंशा पर ही बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि न्यू पेंशन स्कीम सिर्फ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए ही बनाई गई है। आज रविवार को संघर्ष समिति के अध्यक्ष माया राम शर्मा के द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। वार्ता में उन्होंने बताया कि ओल्ड पेंशन बहाली को लेकर सरकार पर किसी भी तरह का आर्थिक बोझ पड़ता ही नहीं है। उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि न्यू पेंशन स्कीम ना तो सरकार के फायदे में है और ना ही कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित करती है।

उन्होंने इसका स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि सरकार का 14 फ़ीसदी पैसा और कर्मचारियों का 10 फ़ीसदी पैसा निजी कंपनियों के पास जमा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस जमा होने वाले पैसे का ना तो वर्तमान में कर्मचारियों को कोई फायदा हो रहा है और ना ही सेवानिवृत्ति के बाद इसका कोई फायदा होता नजर आता है। माया राम शर्मा ने कहा कि यदि सरकार ओल्ड पेंशन की बहाली करती है तो 10 फ़ीसदी कर्मचारियों का पैसा एनपीएस के रूप में प्राइवेट को जा रहा है वह भी बचेगा। उन्होंने बताया कि जो 14% राशि सरकार खरबों रुपए के रूप में कर्मचारियों को दे रही है उससे भी उनकी बचत हो जाएगी।

कहा कि पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी अपने मासिक वेतन से 50 फ़ीसदी जीपीएफ के रूप में कटवा सकता है। जिससे सरकार का राजकोषीय बढ़ेगा। सरकार इस पैसे को जन कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च भी कर सकती है। वार्ता में उन्होंने प्रदेश सरकार के निर्णय क्षमताओं पर भी सवालिया निशान लगाया है। उन्होंने कहा कि जब तकनीकी रूप से न्यू पेंशन स्कीम ना तो कर्मचारियों के और ना ही सरकार के हित में है तो फिर किसके इशारे पर निजी कंपनियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि 8 तारीख को होने वाली स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में यदि सरकार पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा नहीं करती है तो आने वाले चुनाव में प्रदेश के 200000 कर्मचारी इसका किस रूप में जवाब देंगे यह सरकार अच्छी तरह जानती है। वहीं कांग्रेस के द्वारा ओल्ड पेंशन को मेनिफेस्टो में शामिल किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल में उन्होंने कहा कि जो भी ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करेगा या बहाल करने का पूरा विश्वास दिलाएगा प्रदेश का कर्मचारी उसके लिए अपना समर्थन देगा।

उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि वर्ष 2013 में राष्ट्रीय स्तर पर ओल्ड पेंशन स्कीम बहाली को लेकर दिल्ली में धरना प्रदर्शन हुआ था। जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान नरेंद्र मोदी के द्वारा आश्वस्त किया गया था कि पीएम बनने के बाद ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल की जाएगी। माया राम शर्मा ने कहा कि केंद्र में बीजेपी सरकार किए गए वादे को भूल चुकी है। केंद्र की वायदा खिलाफी को लेकर प्रदेश का कर्मचारी वर्ग आक्रोश में है मगर फिर भी एक मौका और प्रदेश सरकार को देना चाहता है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि यदि सरकार जानबूझकर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से न्यू पेंशन स्कीम को बंद नहीं करती है तो वह आगामी विधानसभा चुनाव में परिणाम भुगतने के लिए भी तैयार रहे। पत्रकार वार्ता में अनिल तोमर, रामलाल, शिवचरण, बीना कवर आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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