HNN / ऊना, वीरेंद्र बन्याल

आम जनता व उपभोक्ताओं को बाजार में गुणवत्तापूर्ण व उचित मूल्य पर आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के मद्देनजर जिलाधीश ऊना राघव शर्मा ने जमाखोरी व मुनाफाखोरी रोकथाम आदेश 1977 के अन्तर्गत एक अधिसूचना जारी कर आवश्यक वस्तुओं के अधिकतम विक्रय मूल्य निर्धारित किये हैं तथा जिला में कोई भी विक्रेता अथवा दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत नहीं वसूल सकेगा।

अधिसूचना के अनुसार जिला ऊना में बकरे व भेड़े का मीट 430, सूअर का 250 तथा चिकन ब्रॉयलर 190 रूपये प्रति किलोग्राम जबकि मछली, मत्स्य विभाग द्वारा निर्धारित अधिकतम मूल्य पर बिक सकेगी। उपायुक्त ने कहा कि जिला में ढाबों पर पका हुआ भोजन फुल डाइट चावल, चपाती के साथ दाल, सब्जी व कढ़ी 80 रूपये, हाफ डाइट एक प्लेट चावल के साथ दाल व सब्जी 50 रूपये, चपाती तवा 6 व तंदूरी 7 रूपये, विशेष सब्जी गोभी, आलू, मटर, पालक, राजमाह, चना, भिण्डी 70 रूपये बेचीं जा सकेगी।

वही, भरवां परांठा आचार के साथ 25 रूपये, दाल मक्खनी या फ्राइड 60 रूपये, मीट 5 पीस 200 ग्राम प्रति प्लेट 125, चिकन का मूल्य 5 पीस 200 ग्राम  95 रूपये प्रति प्लेट निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त दो भटूरे चने या सब्जी के साथ 40 रूपये, समोसा चना 25 व दो समोसा चना 40 प्रति प्लेट बिक सकेगी। इसी तरह दुग्ध उत्पादों में दूध 55 रूपये प्रति लीटर, पनीर 270 रूपये व दही 75 रूपये प्रति किलोग्राम बेचा जा सकेगा।

राघव शर्मा ने कहा कि प्रत्येक विक्रेता अथवा दुकानदार उपभोक्ता को कैश मीमो जारी करेगा, जिसकी डुप्लीकेट कापी निरीक्षार्थ अपने पास रखेगा। इसके अलावा विक्रय संस्थान के मालिक या हिस्सेदार या प्रबन्धक के द्वारा दिनांक सहित हस्ताक्षर की हुई वस्तुओं की रेट लिस्ट संस्थान के प्रवेश द्वार पर लगाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि निर्धारित किए गए दाम आगामी एक माह के लिए लागू रहेंगे।